Monday, July 05, 2010

बेगानी शादी में अब्दुल्लाह दीवाना

हमारे कहावतें लिखने वाले पूर्वज बेहद गुणवान, प्रतिभासंपन्न लेखक रहे होंगे. आज कल के लेखक कहाँ ठहरते हैं उनके सामने. अब ऊपर लिखी कहावत को ही लीजिये, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान ने शादी करने की क्या सोची, पूरा मीडिया 'बिन बुलाये मेहमान' की तरह उनके यहाँ पहुँच गया. ये हुई एक और कहावत :)

खैर, दुनिया भर की जरूरी खबरें छोड़ के हमारा मीडिया पूरे दिन धोनी की शादी कवर करने में लगा रहा. और  किसी के पास कुछ नहीं होता कहने के लिए, बस एक भेड़चाल है जिस पर हर चैनल, हर अख़बार चलता रहता है.

सच में, जब सिर्फ दूरदर्शन होता था तभी खबरें देखना अच्छा लगता था. अब तो टीवी पर खबरें देखने का मन ही नहीं करता.

on a completely different note, a use of the same idiom in this hit song from the movie, Jis Desh Mein Ganga Behati Hai


2 comments:

Prats said...

Bilkul sahi kah rahe aap....Aaj kal khabron ka auchitya hi khatam ho chuka hai... Aaj media sirf ek paisa kamane ka zaria ho gaya hai jiska haqeeqat mein samajik gatividhiyon se koi rishta hi nahi raha hai....

Lost Thoughts said...

So true Adee....those old sayings were sooper good n we can usually find one to fit any context that we want. As to Dhoni....i guess we've all got used to the concept of breaking news n the media feeds it :(
And thank u for the song....heard it again after ages :)

dreamt before

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