Friday, January 15, 2010

चाँद

शिव जी के बालों में टंगा
'हेअर बैंड' के जैसा चाँद

रात के साँवले गाल के ऊपर
आँसू का एक कतरा चाँद

बच्चों के खेलों का मोहरा
कंचों जैसा कंजा चाँद

बिन बिजली के हर गाँव में
'लाइट बल्ब' का सपना चाँद

तनख्वाह वाले रोज की रौनक
ताम्बई सिक्के जैसा चाँद

दिन-भर के भूखे-प्यासे को
रोटी जैसा दिखता चाँद

गर्मी की रातों में अक्सर
छत पर सोता मेरा चाँद

धरती है जो बाँट ली सब ने
बँटा नहीं अभी, अपना चाँद


will try to translate it as i feel it is easier this time :)

Monday, January 04, 2010

एक नज़्म उनके नाम

रहते हैं इन्ही दरीचों* में हम भी
जो तुम देखते हो, वही देखते हैं

ये गुमनाम सडकें, ये बेनाम चेहरे
क्या तुम देखते हो, जो ये देखते हैं

कहने को तो है, सिर्फ बुतपरस्ती** ये
क्या तुम देखते हो, क्या हम देखते हैं

छोड़े कारीगर ने, निशाँ ऐसे गहरे
जहाँ देखते हैं, उसे देखते हैं

ये कहना गलत है उनकी आँखें नहीं हैं
जो वो देखते हैं, हम देखते हैं

कहीं हैं ग़ज़ल, खूब तुमने भी ग़ालिब
जो हम देखते हैं, हमीं देखते हैं

खिली उनके चेहरे पर मुस्कान ऐसे
ज्यों गंगा के तट पर, दीये देखते हैं

दरीचे - windows; बुतपरस्ती - idol worship

year's first verse dedicated to the love of my life. can't promise that i'll be able to translate this, but try i'll sure. love you all. and yes, may the new year be full of beauty and bliss :)

dreamt before

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